अलवर के Google Boy ने किया प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया सपने को साकार

राशन हो या शासन, हर जगह इंटरनेट का इस्तेमाल होता है कुछ कर दिखाने को ठानो तो सही, यहां मेहनत ही भाग्य विधाता है
इस पंक्ति का अर्थ है कि मेहनत करने वाले अपना रास्ता ख़ुद चुनते हैं. वे भाग्य पर नहीं, बल्कि अपनी कर्मठता पर विश्वास करते हैं. राजस्थान के अलवर जिले के कान्हड़का गाँव के रहने वाले 14 साल के नितेश यादव इसे साबित भी करते हैं. जिस उम्र में बच्चे क्रिकेट और फुटबॉल से दोस्ती करते हैं, उस उम्र में नितेश ने कंप्यूटर से दोस्ती कर ली. और वो दोस्ती इतनी गहरी हुई कि आज सफ़लता की नई इबारत गढ़ रहे हैं. आइए, पूरी बात बताते हैं.

गांधी जी का सपना था कि भारत आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि भारत संचार क्रांति में सबसे अव्वल हो. ध्यान रहे कि मैं दोनों की तुलना नहीं कर रहा हूं. राशन हो या शासन, हर जगह इंटरनेट का इस्तेमाल होता है. आज हर छोटी से बड़ी काम इंटरनेट पर आश्रित है. देखा जाए तो हमारा देश डिजिटलाइज़ हो रहा है. ये तभी हो रहा है, जब नितेश जैसे बच्चे दिन रात मेहनत कर रहे हैं. सोशल नेटवर्किंग ऐप Facebook और Whatsapp अब पुराने दिनों की बात हो सकती है, क्योंकि नितेश ने इन एप्लिकेशन को टक्कर देने के लिये GPS Chat नाम का एप्लिकेशन बनाकर देश का नाम रौशन किया है. इस काम के लिए नितेश को कई जगह सम्मानित भी किया गया
निखरता भारत से विशेष बातचीत पर वे कहते हैं मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से हूँ, मेरे पिता आर्मी में सूबेदार क्लर्क से रिटायर्ड हैं. उनको कंप्यूटर की जानकारी भी है, लेकिन उन्हें फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी चीज़ों की जानकारी नहीं है. इसके अलावा, उन्हें ये नहीं पता कि मैं क्या करता हूं. ख़ैर, जब मुझे सम्मान मिलता है, तो उन्हें अच्छा लगता है.
‘किसान गुरु’ एप

किसान गुरु एप की मदद से किसानों को खेती और फसलों की जानकारी मिलेगी. इसकी मदद से किसान समय पर बीज और खाद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा इस एप में किसान भाई अपनी फसलो का सरकार द्वारा जारी उचित मूल्य भी जान सकते है और डिजिटल इंडिया में अपना भी योगदान दे सकते है।
वर्त्तमान में इस किसान गुरु एप के 5000 से भी ज्यादा डाउनलोड है।

“Mera Kanharka” App

प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को नया आयाम देते हुए और अपने गाँव को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए “Mera Kanharka” नामक एप बनाया है। जिसमे पूरे गाँव को ही डिजिटल रूप में बसाया गया है और गाँव की हर छोटी बड़ी जानकारी को इस एप के जरिये सार्वजानिक किया गया है। इस एप की सहायता से विश्व के किसी भी देश का कोई भी आदमी इस एप से कान्हड़का गाँव का डिजिटल भ्रमण कर सकता है।

कैसे की शुरुआत –

नितेश इस एंड्राइड एप की दुनिया का भ्रमण कराते हुए बताते है कि –
” जब मैं कक्षा 10 में था तो उस समय तक मुझे ये भी नहीं पता था कि एंड्राइड एप होते क्या है और इनका क्या काम है। उस समय मै सिर्फ अपनी पढाई तक सीमित था। सबसे बड़ी समस्या थी की मैं एप की प्रोग्रामिंग कैसे सीखूं क्योकि गांव में और आस पास कोई प्रोग्रामर भी नहीं था जिससे की मैं एप की कोडिंग सिख सकू। इसलिए अंत में मैंने गूगल गुरुदेव से एप बनाने के बारे में जानकारी ली और गूगल ने ही मेरी मदद की। गूगल से कोई भी कुछ भी सिख सकता है अगर सिखने की चाह हो तो। जब मैंने कोडिंग सीखी तो अब मैंने whatsapp से भी अच्छा मैसेंजर एप बनाने की ठानी और इसका परिणाम आज आपके सामने है। “GPS Chat” App। और फिर मैंने डिजिटल इंडिया की और ध्यान दिया और फिर उदय हुआ किसान गुरु और मेरा कान्हड़का एप का।

कई जगह सम्मानित भी किए जा चुके हैं-

नितेश को उनकी इन डिजिटल इंडिया की नीवधर एप के लिए कई जगह सम्मानित भी किया गया है।
इसके अलावा नितेश को खुद राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने भी उनकी एप के लिए उन्हें बधाई दी है।

नितेश पढ़ाई के साथ कोई स्टार्टअप भी शुरू करना चाहते हैं. इसके लिये उनकी कई लोगों से बातचीत चला रही है. वे अपनी कोशिश और मेहनत से देश को बदलकर डिजिटल बनाना चाहते हैं.